तू फिकर न कर
न डरना तुम एक पल वहां भी
विश्वास रखना खुद पर खुद से ही
न प्रश्न तुमसे ऊपर होगा न ऊपर जाएगा याद करना गुरु की अमल बाते,समस्या आए कहा भी
खुशियों की अहम वहीं रात होगी
जहां वर्तमान के दृढ़ के आत्मविश्वास की बात होगी
प्रश्न न एक भी तुमसे बड़ा कहां ?
जहां तुम्हारे मेहनती बुनियादो की घात होगी
बाप रे ! क्या होगा मेरा
प्रश्न मेरे अनुकूल नहीं
याद रखना,ध्यान यदि एकाग्र तो
भुला भटका हल मिल जाता सही
तू फिकर न कर
सब तेरे साथ है
वक्त भी तेरा और डर भी
पर चुनना तेरे हाथ है
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